कभी यह तो कोशिश करि होती की मेरी क्या भावनाएं हे,
हर वक्त मेरा दिल तेरा नाम पुकारता रहता था पर अब उसने तेरे नाम पर धड़कना छोड़ दिया है,
तेरी वोह खुशबू, तेरी वो प्यारी सी छूअन, तेरी वो मुजसी लगती बिंदी...
कभी यह तो कोशिश करि होती की मेरी क्या भावनाएं हे,
हर वक्त मेरा दिल तेरा नाम पुकारता रहता था पर अब उसने तेरे नाम पर धड़कना छोड़ दिया है,
तेरी वोह खुशबू, तेरी वो प्यारी सी छूअन, तेरी वो मुजसी लगती बिंदी...